क्या आप दिल्ली विश्वविद्यालय में वर्त्तमान शिक्षक नियुक्ति व्यवस्था से खुश है? यदि ये साक्षात्कार बंद कमरों के बजाय सभी उपस्थित अभ्यर्थियों के समक्ष करवाए जाये या फिर उनकी विडियो रेकॉर्डिंग की जाये तो कम से कम नियुक्ति में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी और अन्य अभ्यर्थियों को यह देखने का मौका मिलेगा की चयनित अभ्यर्थी वाकई में काबिल था या नहीं.